Essay on Holi festival in hindi होली पर निबंध

होली पर निबंध: Holi त्यौहार का सिर्फ नाम सुनते ही दिल में कुछ कुछ होने लगता है, सोचा क्यूँ न बच्चो के लिए एक essay hindi में लिख दूँ. आखिर मैं भी कभी बच्चा था और स्कूल में होली पर निबंध लिखने को दिया जाता था तो मैं अपने पापा से ये काम करवाता था.

आज मैं खुद इतना बड़ा हो गया हूँ की बच्चों के लिए निबंध लिख कर उनकी सहायता कर उन्हें holi festival information हिंदी में दे सकूँ.

होली पर निबंध :

होली हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है. होली का त्यौहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस त्यौहार को मानाने के पीछे एक पौराणिक मान्यता है कि राजा हिरण्यकश्यप जो भक्त प्रह्लाद के पिता थे स्वयं को भगवान मानते थे.

वह भगवान् विष्णु के प्रबल विरोधी थे जबकि प्रह्लाद विष्णु के भक्त थे और उन्हें भगवान् मानते थे. यह बात हिरण्यकश्यप को बिलकुल भी अच्छी नहीं लगती थी. इस पर जब उन्होंने उन्होंने प्रह्लाद को विष्णु भक्ति करने से मना किया लेकिन प्रह्लाद ने उनकी बात नहीं मानी तो उन्होंने प्रह्लाद को जान से मारने की आज्ञा दी.

लेकिन प्रह्लाद हर बार बच गए इस पर नाराज होकर उन्होंने को प्रह्लाद को आग में जलाने का आदेश दिया इसके लिए उन्होंने अपनी बहन होलिका से मदद मांगी। होलिका को आग में न जलने का वरदान प्राप्त था.

इसलिए होलिका अपने भाई की सहायता करने को तैयार हो गई. होलिका प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर जलती हुई चिता में जा बैठी लेकिन भगवान् विष्णु की कृपा से भक्त प्रह्लाद बाच गए और होलिका जल गयी.

इसी के प्रतीक के रूप में होली के एक दिन पूर्व रात्रि को लकड़ी की होलिका जलाई जाती है और उसके बाद शुरू होता है होली का धमाल, यानि बच्चे अपनी अपनी पिचकारी ले के एक दुसरे को रंगने में लग जाते है.

कोई लाल, कोई पीला तो कोई हरा रंग लेके एक दुसरे को रंगने में लग जाते. उसके बाद लोग गिले शिकवे भुला के एक दुसरे के गले मिलते है. इस दिन लोगों के घरों में पापड़, गुझिया व मिठाइयाँ बनती है.

और लोग एक दुसरे घर होली मिलने जाते है और बड़े बुजुर्गों का पैर छुकर आशीर्वाद लेते है. ये त्यौहार बच्चों के लिए बहुत ही खास होता है और सभी बच्चे जम कर मस्ती करते हैं.

ये तो पौराणिक महत्व है होली का अब मैं आपको आज वर्तमान स्वरुप में Essay on Holi in hindi होली पर निबंध में बताऊंगा.

Essay on holi in hindi होली पर निबंध

Holi festival रंगों से भरा हुआ मस्ती का त्यौहार है. यह त्यौहार फाल्गुन माह की पूर्णमासी को मनाया जाता है. पूर्णमासी की रात को लकड़ी की होलिका जलाई जाती है और सुबह लोग रंग खेलते है और एक दुसरे के गले मिलते है.

इस त्यौहार का बच्चे बहुत ही बेसब्री से इन्तेजार करते है. बच्चों के लिए ये त्यौहार बहुत ही खास है और बच्चे होली की तैयारियों में कई दिन पहले से ही लग जाते है. होली का पर्व पुरे भारत में बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है.

इस त्यौहार को मनाने की पौराणिक मान्यता है. होली का पर्व ब्रज में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. ब्रज की लट्ठमार होली पुरे भारत में प्रसिद्द है. ब्रज की होली को देखने के लिए लोग देश ही नहीं वरन विदेशों से भी लोग आते हैं.

रंग खेलने के बाद लोग नहा धो कर नए नए कपडे पहनते है और एक दुसरे के गले मिलते है और बड़े लोगों का पैर छुकर आशीष लेते हैं. इस दिन लोगों के घरों में कई तरीके के व्यंजन बनते है जिसमे गुझिया मुख्य रहती है.

जहाँ होली का त्यौहार समाज को एकता व भाईचारा देने का सन्देश देता है वही कुछ लोग इस त्यौहार को दूषित भी करते है. इस त्यौहार का मुख्य उद्देश्य बुराई को जलाने व आपस का वैर भाव मिटाने से है वही कुछ लोग इस त्यौहार के दिन नशे इत्यादि का सेवन कर आपस में झगड़ कर इस त्यौहार को दूषित कर देते है.

हमें इस त्यौहार के दिन नशे इत्यादि से दूर रहने का संकल्प लेना चाहिए. और लोगों को जागरूक करे कि वो अपने इस त्यौहार को बहुत ही प्रेम के साथ मनाये.

होली पर निबंध पर एक छोटा सा व्यंग मेरी तरफ से आप लोगों के लिए

अश्लीलता, निर्लज्जता संग  फुहड़ियों की टोली है

दे माँ बहनों की गाली कहते बुरा न मनो होली है  ||

चरस फूकते पैग लगाते कहीं भांग की गोली है

पड़े पड़े नाली से कहते बुरा ना मानो होली है ||

happy Holi

इसी के साथ Essay on Holi in hindi पर मेरा निबंध समाप्त हुआ. आशा करता हूँ आपको होली पर निबंध अच्छा लगा होगा. आप सभी लोगों को होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं. ईश्वर आप सभी लोगों को सुख समृद्धि से परिपूर्ण कर दे.

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