Kiro Hast Rekha : नमस्कार दोस्तों मैं मनोहर kyahai.net पर आप सभी का एक बार फिर हार्दिक स्वागत करता हूं. दोस्तों आज मैं आपको हस्तरेखा ज्योतिष विज्ञान के सबसे बड़े भविष्यवक्ता कीरो के बारे में जानकारी देने जा रहा हूं

दोस्तों अगर आप कीरो के बारे में नहीं जानते हैं तो आज का यह लेख आपके लिए है और आपको जानकर बहुत ज्यादा हैरानी होगी कि नास्त्रेदमस के बाद में अब तक का जो सबसे बड़ा भविष्यवक्ता हुआ है उसका नाम है कीरो. कीरो ने अपने जीवनकाल में हजारों भविष्यवाणियां की और उनकी लगभग सारी की सारी भविष्यवाणियां बिल्कुल सटीक और बिल्कुल सत्य साबित हुई. कीरो की भविष्यवाणियों का आधार hast rekha gyan था.

Kiro Hast Rekha Jyotish ke Mahan Jadugar

कीरो का जन्म 1 नवंबर 1866 को इंग्लैंड के विक्लो काउंटी के ब्रे नामक स्थान पर हुआ था इनके जन्म का नाम जॉन वार्नर था लेकिन हस्त ज्योतिष विज्ञानं  में अपना कैरियर बनाने के बाद उन्होंने अपना नाम कीरो रख लिया. कीरो ने अपने जीवन में पहली भविष्यवाणी तब की थी जब वह मात्र 12 वर्ष के थे उन्होंने एक आयरिश नेता चार्ल्स स्टीवार्ट पेर्नेल का हाथ देखकर बताया था कि उनके राजनीतिक कैरियर का अंत एक महिला के कारण होगा. उसके कुछ वर्ष पश्चात कीरो की यह भविष्यवाणी बिल्कुल सत्य साबित हुईइस घटना ने कीरो के आत्मविश्वास को और अधिक मजबूत कर दिया. इसके बाद कीरो ने अपने समय के मशहूर, कुख्यात, सफल, अपराधी, हत्यारे, वकील, अफसर, अध्यापक, नर्तकी, होटल, दुकान मालिक और न्यायाधीशों के हाथों की हजारों छापे इकट्ठा करी. जिसका उन्होंने गहन अध्ययन किया और हस्त रेखा पर अपनी पकड़ और भी अधिक मजबूत कर ली.

Kiro Hast Rekha

17 साल की उम्र में कीरो के पिता ने कीरो को लंदन भेजा मगर वह लंदन जाने के बजाय हिंदुस्तान चला आये. मुंबई में वह एक ज्योतिषी प्रेम नारायण जोशी से मिले. जोशी ने कीरो को हिमालय, वाराणसी, लद्दाख और कश्मीर के तांत्रिकों एवं ज्योतिषवेत्ताओं से मिलाया. भारत में 3 साल ज्ञानार्जन करने के बाद वह वापस अपने देश चला आये. कीरो के पास अब तक हस्तरेखा विज्ञान का एक विशाल को भंडार उपलब्ध उपलब्ध हो चूका था.

वापस आने के बाद कीरो ने लंदन के बांड स्ट्रीट में अपना कार्यालय खोला उनके कार्यालय के सामने से गुजर रहे लंदन साइकिकल सोसाइटी के अध्यक्ष आर्थर जेम्स बाल्फोर उत्सुकतावश रुक गए उन्होंने कीरो से कहा मेरा हाथ देख कर मेरा भविष्य बताओ कीरो ने उनका हाथ देखा और उन्हें बताया कि एक दिन वह देश के सर्वोच्च राजनीतिक व्यक्ति बनेंगे
आगे चलकर कीरो की भविष्यवाणी बिल्कुल सत्य साबित हुई और सन 1902 में आर्थर जेम्स बाल्फोर प्रधानमंत्री बने. इसके बाद कीरो की प्रसिद्धि में जबरदस्त इजाफा हुआ लेकिन कीरो  ने कभी भी अपने इस स्थिति का कोई भी नाजायज फायदा नहीं उठाया.

कीरो का कहना था कि जिस व्यक्ति का भी हाथ देखा जाए उसे उसकी पिछली जिंदगी का हाल पहले बताया जाए कारण इससे उसे यकीन हो जाता है कि जो व्यक्ति मेरा भूतकाल सही बता रहा है वह भविष्य भी सही-सही बताएगा.

कीरो ने अपनी भविष्यवाणियों में लिखा है उन्नीसवीं शताब्दी में समाजवादी विचारधारा छूत की तरह तमाम देशों में फैलेगी इस शताब्दी में अनेक सत्ता परिवर्तन होंगे और आम आदमी हुकूमत की ताकत पा जाएगा चर्च भी इस क्रांति से अछूता नहीं रहेगा. यहूदी अपने स्वतंत्र राष्ट्र की मांग करेंगे तथा इजरायल नामक एक राष्ट्र का निर्माण करेंगे और वहां लंबे समय तक युद्ध चलता रहेगा. उपरोत सभी भविष्यवाणियाँ अक्षरशः सत्य साबित हुई.

सन 1931 में कीरो ने लिखा कि इस दशक के अंत में एक विश्व युद्ध होगा. इंग्लैंड भारत को आजादी दे देगा मगर वहां मुसलमानों एवं हिंदुओं के बीच में इस सदी का भीषणतम खून खराबा होगा. इसी दौरान फ्रांस के साथ इटली तथा जर्मनी की जंग तय है. अमेरिका जापान के साथ जंग में उलझेगा जिस के नतीजे बहुत भयानक होंगे. आयरलैंड में एक गृह युद्ध होगा और कीरो की यह सभी भविष्यवाणियां बिल्कुल सत्य साबित हुई.

Kiro Hast Rekha

कीरो की कामयाबी के किस्से बेशुमार है और अच्छी बात यह है कि उनकी सच्चाई पर कभी भी उंगली नहीं उठाई गई. एक बार शिकागो की एक करोड़पति महिला श्रीमती मैरी लीटर (Leiter) लीटर कीरो के पास एक हथेली की छाप ले कर आई उन्होंने बताया कि यह मेरी बेटी का हाथ है इसका भविष्य बताओ. कीरो ने कहा यह लड़की एक ऐसे व्यक्ति से शादी करेगी जो पूर्व दिशा में किसी देश का शासक होगा मगर इसकी उम्र बहुत कम है. मैरी नामक उस युवती का विवाह जल्दी ही भारत में नियुक्त वायसराय लार्ड कर्जन के साथ हुआ बाद में उनकी मृत्यु अल्प आयु में ही हो गई.

प्रसिद्ध साहित्यकार मार्क ट्वेन एक बार भेष बदलकर कीरो से मिलने गए उन्होंने अपने हाथ दिखाकर कीरो से कहा कि वह उनके भविष्य के बारे में कुछ बताएं कीरो ने उनका हाथ देखते ही बता दिया कि वह एक विश्व विख्यात हस्ती हैं और खुद को छुपा रहे हैं कीरो ने बताया आप साहित्य जगत में नाम कमाएंगे और आपका नाम S शब्द से शुरू होता है बात सही थी मार्क ट्वेन का असली नाम सैमुएल एल क्लीमैंस था. कीरो ने मार्क ट्वेन को जो कुछ बताया वह मार्क ट्वेन के शब्दों में बिल्कुल सही था.

जैसा की पहले ही बताया कीरो की भविष्यवाणियों के बहुत से किस्से है जिसमे कीरो द्वारा एडवर्ड सप्तम के सम्राट बनाने की भविष्यवाणी हो या रूस के प्रसीध तांत्रिक रास पुटिन की म्रत्यु और जार के शाशक की मृत्यु की भविष्यवाणी सब कुछ बिलकुल सटीक साबित हुई.

आज भी पूरे विश्व में हस्तरेखा विज्ञान की जितनी भी पुस्तकें मिलती हैं उनमें सबसे ज्यादा पुस्तकें kiro hast rekha के नाम से ही बिकती है. भारत के हस्त रेखा ज्योतिषाचार्य भी kiro hast rekha की प्रमाणिकता को प्रधानता के साथ मानते है.

8 अक्टूबर 1936 को बीमारी के कारण कीरो ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया लेकिन हस्त रेखा ज्योतिष के कारण आज भी वह लोगों के बीच प्रासंगिक है.

यदि आप भी हस्त रेखा ज्ञान को सीखना चाहते है तो आप हस्त रेख पर लिखे हमारे लेख को अवश्य पढ़ें। इससे आपको हाथ की रेखाओं और उनकी विशेषताओं का आधारभूत ज्ञान हो जायेगा। जिसकी मदद से आप किसी भी व्यक्ति की हाथ की रेखाओं को देख कर उसके चरित्र और विशेषताओं का अंदाजा लगा सकते है।

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कुलदीप मनोहर Kyahai.net हिंदी ब्लॉग के Founder हैं. मै एक Professional Blogger हूँ और SEO, Technology, Internet से जुड़े विषयों में रुचि रखता हूँ. अगर आपको ब्लॉगिंग या Internet जुड़ी कुछ जानकारी चाहिए, तो आप यहां बेझिझक पुछ सकते है. हमारा यह मकसद है के इस ब्लॉग पे आपको अच्छी से अच्छी जानकारी मिले.

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