Gharelu udyog list in hindi

Gharelu udyog list in hindi
Gharelu udyog list in hindi

दोस्तों अगर आप कोई Gharelu udyog स्थापित करना चाहते और आपका बजट काफी कम है या फिर आप Low investment business चालू करना चाहते है तो यह छोटी सी hindi list आपके बहुत काम आ सकती है. क्यूंकि मैं आपको बहुत सारे कम लागत के घरेलु उद्योग के बारे में बताने जा रहा हूँ. जिन्हें आप अपने घर से ही संचालित कर अपना काम शुरू कर सकते है.

दोस्तों मैं आपको आज की लिस्ट में कम से कम पैसे से शुरु किये जाने वाले गृह उद्योग के साथ-साथ माध्यम पूंजी तक के Business Tips in Hindi की देने वाला हूँ. ये आप पर निर्भर करता है कि आपकी आर्थिक स्थिति कैसी है और आप कितनी लागत में घरेलु उद्योग आरंभ करना चाहते है.

तो आइये संक्षेप में जानते है घरेलु उद्योग लिस्ट हिंदी में :

Gharelu udyog list in hindi :

  • लिफाफा बनाने का घरेलु उद्योग : रोजमर्रा प्रयोग में आने वाले कागज के लिफाफे किराने की दुकान, मेडिकल स्टोर, ठेले वाले आदि जगहों पर व्यापक रूप से इस्तेमाल किये जाए है. या व्यापार कम लागत में ही चालू किया जा सकता है. अगर आपकी आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं है तो मात्र 100 रूपये खर्च करके ही यह व्यवसाय चालू कर सकते है.
  • कागज के दोना पत्तल : हालाँकि यह व्यवसाय घर में ही चालू किया जा सकता है लेकिन इसकी मशीन और मटेरियल वगैरह में थोड़ी लागत आती है. इसकी मशीन 35 हजार से लेकर 1 लाख रूपये तक की आती है. मशीनों की कीमत दोना पत्तल बनाने की स्पीड के हिसाब से तय होती है.
    इस व्यवसाय को चालू करने में आपका कुल खर्चा 50 हजार से लेकर 1.5 लाख रूपये तक के बीच में हो सकता है. बाकि काम चालू करने से पहले एक बार मार्किट के दुकानदारों से इस बारे में राय जरूर ले लेनी चाहिए क्यूंकि इस मार्किट में प्रतिस्पर्धा अधिक है और मुनाफा कम.
  • इलेक्ट्रिक प्रोडक्ट्स असेम्बलिंग : DC मोटर से चलने वाले पंखे इत्यादि का निर्माण घर पर भी किया जा सकता है. इसके लिए अपको पंखे में लगने वाली जाली, DC motor, पंखुड़ी, और स्टैंड वगैरह अपको मार्केट से थोक मूल्य पर खरीदना होगा और आप इन्हें घर पर ही सेट कर कर मार्केट में थोक दामों में बेच सकते है और प्रति पंखा 15-20 रूपये तक बचा सकते है. एक पंखे को सेट करने में अधिकतम 10-20 मिनट का ही समय लगता है.
  • ब्यूटी पार्लर : आप अपने घर में ही ब्यूटी पार्लर खोल सकते है इसमें भी अच्छा पैसा है. साथ ही आप लंहगा, आर्टिफिशियल ज्वैलरी इत्यादि भी किराये पर उठा सकते है.
  • सिलाई कढाई का सेण्टर : युवा लड़कियों को सिलाई कढाई सिखाना भी एक अच्छा कार्य है इसमें आप अच्छा पैसा भी कमाएंगे साथ ही युवाओं में आत्मनिर्भरता भी बढ़ाएंगे.
  • शिल्पकारी: बढई का कार्य भी घरेलु के अंतर्गत उद्योग में आता है. अगर अपमे इस प्रकार का कोई हुनर है तो इस कार्य को भी कर अच्छे अच्छे शिल्प बना कर मार्किट में उन्हें बेचकर अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते है.
  • टिफिन सेण्टर : यह उद्योग भी घर बैठे चालू किया जा सकता है और इसमें लागत भी कम आती है. घर से बाहर रहने वाले लड़के, नौकरीपेशा लोग लोग जो खुद से खाना नहीं बना पाते है वो टिफिन सेण्टर का खाना खाते है.
  • कोचिंग सेण्टर : कोचिंग सेण्टर भी घर में ही चालू किया जा सकता है. इसमें आप अपनी योग्य के हिसाब से बच्चों को कोचिंग दे सकते है. इससे आपका और आपके घर का खर्चा भी चल सकता है और थोड़ी बहुत बचत भी कर सकते है.
  • जूतों की पोलिश बनाना : जूतों की पोलिश बनाने में भी कोई ज्यादा खर्च नहीं आता है हालाँकि आज कल यह बिज़नस बहुत ज्यादा लाभदायक नहीं रह गया है. फिर भी यह घरेलु उद्योग के अंतर्गत आता है, इसलिए मैंने इसको Gharelu udyog list in hindi में जगह दी है.
  • परफ्यूम उत्पाद : आप यह business भी घर बैठे ही चालू कर सकते है और इसमें अच्छा खासा प्रॉफिट भी है. बस आपको परफ्यूम बनाने का मेटेरियल और परफ्यूम बनाने का process इत्यादि की जानकरी लेनी होगी.
  • पापड़ उद्योग : पापड़ उद्योग एक अच्छा गरेलू उद्योग है इसमें आप मूंग के पापड़, कचहरी, चिप्स, आलू के पापड़, इत्यादि आप मार्केट में थोक रेट पर बेच सकते है या फिर अपनी खुद की पैकिंग कर के भी आप इन्हें मार्केट में बेच सकते है.
  • सब्जी मसाला पैकिंग उद्योग : मसाला पैकिंग का भी उद्योग घर से ही चालू किया जा सकता है. इसके अंतर्गत आप सब्जी मसाला, गरम मसाला इत्यादि की छोटी पैकिंग जो 5-10 रूपये के बीच में हो से शुरुआत कर सकते है. इसके लिए आपको पैकिंग के लिए छोटी छोटी पन्नियों की आवश्यकता होगी जिसमे आप अपनी लागत के अनुसार पैक कर के मार्केट में थोक या फुटकर दामों में बेच सकते है और अच्छी कमाई भी कर सकते है.
  • चिप्स पैकिंग उद्योग: चिप्स पैकिंग का उद्योग थोड़ा लगत का उद्योग है. क्यूंकि चिप्स पैकिंग मशीन और पैकेट की लागत अच्छी खासी है. इस उद्योग को चालू करने में न्यनतम 1 से 1.5 लाख रूपये की लगत आती है. यदि आप पैकिंग मशीन नहीं खरीदते है तो आप इस व्यापर को 20 से 25 हजार रूपये में भी चालू कर सकते है.
  • आचार उद्योग : आचार का प्रयोग तो खाने के स्वाद में जायका बढाने के लिए होता है. यह एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसको बच्चे से लेकर बूढ़े तक बड़े चाव के साथ खाते है. मार्केट में कई तरह के आचार मिलते है आप नवरंग से लेकर आम, निम्बू या मिर्ची का आचार बना कर पैकिंग करके या फिर खुला भी आचार बेच सकते है और इसमें भी लागत बहुत अधिक नहीं आती है.
  • मोमबत्ती उद्योग : यह उद्योग भी घरेलु उद्योग के अंतर्गत आता है. हालाँकि इस सोलर युग में यह बिज़नस बहुत ज्यादा प्रभावी नहीं रह गया है फिर भी यदि आप चाहें तो सीजनल मौको पर इस व्यापार को कर सकते है. दीपावली, क्रिसमस इत्यादि के festival में मोमबत्ती की डिमांड बहुत ज्यादा रहती है.
  • दूध डेयरी : यह व्यापर भी बहुत अच्छा है आप चाहे तो इसे घर से या दुकान से भी चालू कर सकते है. इस व्यापार आप मात्र 2 हजार रूपये से भी चालू कर सकते है. आपको गाँव से दूध कम कीमत पर खरीदना होगा होगा और उसे मार्किट रेट पर बेचना होगा. साथ ही साथ आप पनीर, दही, मट्ठा, घी इत्यादि भी बेच कर अच्छा मुनाफा कम सकते है.
  • साबुन उद्योग: साबुन उद्योग भी घरेलु उद्योग की श्रेणी में आता है. यह उद्योग कम लगत में भी शुरू किया जा सकता है. कम लागत में शुरू करने के लिए आपको साबुन के केक बनाने वाला सांचा, साबुन का कच्चा बारदाना और पैकिंग के लिए मटेरियल इत्यादि की आवश्यक होगी. अगर आप साबुन बनाने की और पैकिंग मशीन खरीद कर इस व्यापार को करना चाहते है तो इस व्यापार को चालू करने में अच्छी खासी लगत आती है.
  • बिंदी उद्योग: यह उद्योग में घरेलु स्तर पर किया जा सकता है. इस व्यापार को करने के दो तरीके है. पहला तरीका मार्किट से कच्चा माल उठा कर उन्हें पैकेट में लगाकर पैक करना. इसके लिए आपको प्रति पैकेट पैकिंग के हिसाब से पैसे मिलते है. दुसरे तरीके में खुद की मशीन लगाकर बिंदी निर्माण का काम चालू करना. यह थोडा लगत का काम है लेकिन इस व्यापार में मुनाफा भी बहुत है.
  • कार्ड्स, कैलेंडर प्रिंटिंग व्यवसाय: यह भी एक बहुत मुनाफे का व्यापर है. इस व्यापर को कम से कम 20 हजार में चालू किया जा सकता है. बारदाने के तौर पर आपको कार्ड्स प्रिंटिंग करने वाली स्क्रीन, कलर, होल्डर, कार्ड्स, कैलेंडर, पर्चे इत्यादि जैसे बाने खरीदने होंगे. इस व्यापार को करने के लिए आपके पास इसका थोड सा अनुभव जरूर होना चाहिए, क्यूंकि बिना अनुभव के व्यापर कोई भी हो नुकसान ही मिलता है.
  • चांदी वर्क बनाने का उद्योग: दोस्तों मिठाई वगैरह में चांदी के वर्क का प्रयोग होता है. छड़ी के वर्क को बनाने के लिए किसी मशीन का स्तेमाल नहीं होता है बल्कि मानव श्रम की आवश्यकता होती है. इस कार्य को घर से ही चालू किया जा सकता है. और इसे चालू करने में कोई बहुत अधिक लागत नहीं आती है. बस चुनौती है मार्किट में इसे सेल करने की और अपनी खुद की मार्केट बनाने की.
  • कॉटन की पट्टी बनाने का उद्योग: कॉटन की पट्टी बनाने का कार्य भी बहुत अच्छा है और बहुत अधिक मुनाफे का कार्य है है. इसे चालू करने में बहुत अधिक लागत की आवश्यकता नहीं है. बाद आपको मार्केट से महीन सफेद कॉटन के थान खरीदने होने और उन्हें कॉटन पट्टी के सीए कट कर पैक करना होगा. इसके बाद का काम है उन्हें मेडिकल मार्किट में थोक रेट पर बेचना.
  • माचिस उद्योग: यह उद्योग कुटीर उद्योग के अंतर्गत आता है. इस उद्योग को चालू करने में अच्छी खासी लागत आती है. कुटीर उद्योग विभाग इस प्रकार के उद्योग स्थापित करने के लिए कम ब्याज पर ऋण वगैरह की भी व्यवस्था भी उपलब्ध करते है. व्यापक श्रम लगने के कारण, माचिस उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों विशेषकर महिलाओं के लिए ठोस पैमाने पर रोजगार सृजन करता है.
  • Dance Classes, Singing Classes इत्यादि: यदि आप में डांस या गायन की कोई विशेषता है तो आप घर पर इस डांस क्लास या सिंगिंग क्लास चालू कर अच्छी खासी कमाई कर सकते है. आजकल के बच्चे पढाई के साथ-साढ़ नृत्य और गायन में विशेष रूचि लेते है इस वजह से आप अपने घर में ही इस प्रकार इंस्टिट्यूट चालू कर सकते है.
  • Gharelu udyog list in hindi
  • चाय की दुकान: यह बिज़नस मुनाफे के लिहाज से बहुत ही अच्छा है और इसे चालू करने में बहुत ज्यादा लागत भी नहीं आती. आप घर में ही चाय बना कर मार्केट में उसे बेच सकते है. चाय की डिमांड बहुत ज्यादा है. बस चाय की क्वालिटी बेहतरीन होनी चाहिए.
  • Ice cream Parler: आइस क्रीम पार्लर भी एक बहुत अच्छा आप्शन है. लेकिन इसके लिए आपके पास ऑन रोड जगह होनी चाहिए और आपकी लोकेशन भी भीड़-भाड़ वाले इलाके में होनी चाहिए. यह एक माध्यम लागत का व्यवसाय है. इसे चालू करने में आपको कम से कम 1लाख रूपये की पूंजी की आवश्यकता पड़ेगी.
  • बांस की डलिया, कंडिया, बेंत बनाए का उद्योग: यह गृह उद्योग के अंतर्गत आता है. इस व्यवसाय को चालू करने के लिए बहुत अधिक लागत की जरुरत नहीं होती है. अगर आप यूनिक टाइप का कोई शिल्प वगैरह का निर्माण करते है तो उद्योग मेला इस व्यापार को बढ़ावा देने की एक बहुत अच्छी जगह है.
  • लेदर बैग्स, स्कूली बैग्स, पर्स इत्यादि बनाने का उद्योग: यह व्यापार भी घर से ही चालू किये सकने वाले व्यापार में से एक है और यह व्यापार कुटीर उद्योग के अंतर्गत आता है. इसे चालू करने के लिए मध्यम बजट और कुशल कारीगरों की आवश्यकता पड़ेगी.
  • सजावट का सामान जैसे प्लास्टिक फूलों की माला, चमकीली झालर, गुलदस्ता, पूजा या किसी फेस्टिवल इत्यादि की सजावट में प्रयोग होने वाला सामान इत्यादि.
  • इलेक्ट्रिक झालर बनाने का उद्योग: यह कार्य भी घर बैठे ही किया जा सकता है. हालाँकि यह व्यापर सीजनल है लेकिन अच्छी मुनाफा है इस व्यापर में. आपको मार्केट से बल्क में मटेरियल खरीदना होगा फिर उन्हें एक सीरीज में जोड़ कर झालर बनानी होगी. इसे करने के लिए आपको बिजली काम का हुनर आना चाहिए. अन्यथा इस कार को न करे.
  • धातुओं में बेल्डिंग करने का उद्योग: यह कार्य कुटीर उद्योग के अंतर्गत आता है. और इस कार्य को करने के लिए कम से कम 1-2 लाख रूपये की आवश्यकता होती. इसके अलावा आपको इस कार्य को करने के लिए कुशल कारीगर की भी जरुरत पड़ेगी.
  • अगरबत्ती और धुप बत्ती बनाने का उद्द्योग: अगरबत्ती और धुप बत्ती का उद्योग गृह उद्योग की श्रेणी में आता है. इस कार्य को चालू करने के लिए बहुत अधिक लगत की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. कुटीर उद्द्योग के अंतर्गत इस प्रकार के उद्योग की 1-3 माह की ट्रेनिंग भी मिलती है. और व्यापार को शुरू करने के लिए कम ब्याज पर ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है.
  • नेल पोलिश, लिपिस्टिक बनाने का उद्द्योग :यह कार्य भी घर से चालू किया जा सकता है. इसके लिए आपको पर्याप्त अनुभव एवं प्रशिक्षण की आवश्यकता होगी. सूक्ष्म एवं लघु उद्योग विभाग इस प्रकार के प्रशिक्षण देते है.
  • खिड़की दरवाजों के परदे बनाने का कार्य: यह कार्य भी घर बैठे ही शुरू किया जा सकता है. इस कार्य को करने के आपको सिलाई-कटाई का ज्ञान होना चाहिए. मार्केट से थान खरीद कर डिजाइनदार परदे बना कर उन्हें कपडे की थोक मार्किट में बेचा जा सकता है.
  • दालमोंठ (नमकीन) उद्योग: यह भी एक बेहतरीन कार्य है जिसे घर से ही शुरू किया जा सकता है. इस काम को शुरू करने के लिए बहुत ज्यादा लागत नहीं आती है. आप कई तरह की दालमोंठ, भुजिया बनाकर उन्हें दुकानों पर थोक के भाव बेच सकते है.

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दोस्तों ये तो हुआ Gharelu udyog list in hindi के बारे में संक्षेप में जानकारी. उपरोक्त सूचि के अलावा नीचे भी कुछ घरेलु कार्य करने वाले कामों की एक छोटी सी लिस्ट दी है. आप नीचे दी गयी लिस्ट को भी पढ़कर उन से Business ideas ले सकते है.

Gharelu udyog list in hindi

  • गिफ्ट पैकिंग करना
  • पानी के पाउच बनाना
  • सिरका बनाना
  • हवन सामग्री बनाने का उद्योग:
  • रंग गुलाल बनाने का उद्योग
  • टूथ पाउडर उद्योग
  • लेई और गम बनाने का उद्द्योग
  • सिरका बनाना
  • कुकी व बिस्कुट बनाना
  • घी व पनीर बनाना
  • टॉफ़ी व चीनी की मिठाई बनाना
  • फलों का गूदा निकालना व बेचना
  • घर में इस्तेमाल किया जाने वाला कूलर बनाना
  • पानी के पाउच बनाना

दोस्तों आशा करता हूँ आपको Gharelu udyog list in hindi की जानकारी जरूर अच्छी और उपयोगी लगी होगी और आपको इससे कोई न कोई आईडिया जरूर मिला होगा जिससे आप घर बैठे घरेलु उद्योग लगाकर व्यापार कर सकते है.

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