Malware Virus Kya hai? Computer Virus detail in Hindi 2019

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Malware Virus Kya hai Computer Virus detail in Hindi 2019
Malware Virus Kya hai Computer Virus detail in Hindi 2019

Computer Virus Kya hai : दोस्तों हम सभी लोग आजकल के technology युग में computer, laptop और mobile का प्रयोग तो करते ही है और virus, malware जैसे शब्द से आये दिन दो चार होते रहते है. लेकिन क्या आप जानते है virus kya hota hai और malware kya hota hai?, History of virus in hindi या फिर virus और malware kya काम करते है और दोनों में deference kya है? अगर नहीं तो आज ये लेख आपके लिए.

दोस्तों अगर आपसे पूछा जाए virus kya है तो आप यही कहेंगे virus एक तरह का प्रोग्राम या फिर एक तरह का ऐसा software है जो किसी भी computer, laptop या फिर mobile के डाटा की चोरी, उसे नष्ट करना या फिर उसको को ख़राब करने या हैक करने के काम आता है. लेकिन अगर आपसे यह पूछा जाए की malware kya तो शायद आप इसके विषय में कुछ भी ना बता सके. तो आइये जानते है virus kya है और malware kya है.

दोस्तों वायरस क्या है ये समझने के लिए हमें सबसे पहले यह जानना होगा कि Malware kya है. जब हम यह समझ जायेंगे की malware kya hota hai तो हमें यह समझने में बहुत आसानी हो जाएगी कि virus kya hota hai. आइये सबसे पहले malware के बारे में जानते है कि Malware kya hota hai?

Malware kya hota hai ? मैलवेयर क्या है

Malware सॉफ़्टवेयर का एक संक्षिप्त रूप है यह एक ऐसा सॉफ़्टवेयर है जिसे विशेष रूप से किसी भी कंप्यूटर से डाटा चुराने या उसे क्षति पहुंचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मैलवेयर में Trojans, spyware, computer worm और adware जैसे अन्य प्रकार के सॉफ़्टवेयर के साथ virus भी शामिल हैं। Malware कई प्रकार के होते है जो निम्न प्रकार से है :

  1. Computer worm
  2. Virus
  3. Trojan horse
  4. Spyware
  5. Adware
  6. Backdoor
  7. Ransomware
  1. Computer worm एक प्रकार का malicious software program है जो मुख्य रूप से infected system पर सक्रीय रहते हुए दूसरे सिस्टमों को भी संक्रमित करता है. इस प्रकार के computer virus एक computer से दूसरे  computer तक पहुचने के लिए network का सहारा लेते है जैसे media storage, usb device और  email इत्यादि.
  2. Virus ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो स्वयं की प्रतियां बनाकर अलग-अलग कंप्यूटर प्रोग्राम में घुसपैठ करते हैं और अपना विस्तार करते है. यह वायरस सबसे प्रसिद्ध और सबसे पुराना Malware है। एक वायरस प्रोग्राम शुरू होने के बाद खुद को multiply करता है और फिर यह कंप्यूटर के कार्यों में बाधा उत्पन्न करता है. यह computer virus computer उपयोगकर्ता की जासूसी करने के साथ साथ डेटा को नष्ट करना ही नहीं बल्कि हार्डवेयर तक को नुकसान पहुंचा सकता है.
  3. Trojan Horse भी एक प्रकार का मैलवेयर है जो शुरुआत में एक उपयोगी और सुरक्षित एप्लिकेशन होने का नाटक करता है ताकि वह कंप्यूटर के सिस्टम तक पहुंच सके। यह अपने सारे कार्यों को उपयोगकर्ताओं से छिपाकर करता है. ट्रोजन हॉर्स कंप्यूटर के डेटा की निगरानी जैसे कई हानिकारक कार्यों को करता है. इनमें से कुछ कार्य जैसे महत्वपूर्ण सूचनाओं या फ़ाइलों की प्रतिलिपि बनाने और उन्हें भेजने पर सौदा करते हैं. इस प्रकार के computer virus को एक बैकडोर फंक्शन के माध्यम से हैकर्स संचालित और नियंत्रित भी कर सकते है.
  4. Spyware : इस प्रकार के malware का प्रयोग उपभोक्ता के डेटा को उजागर करने के लिए किया जाता है और इसे निर्माता या तीसरे पक्ष को भेजा जाता है, उपभोक्ता को पता ही नहीं चलता है कि उसके द्वारा की जा रही गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा रहा है। स्पाइवेयर द्वारा प्राप्त जानकारी का ज्यादातर प्रयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए या फिर विश्लेषण के लिए किया जाता है.
  5. Adware: दोस्तों आपने कभी ध्यान दिया होगा जब आप इन्टरनेट ब्राउज़र या कोई application चलाते है तो आपके mobile या लैपटॉप की screen पर एक popup advertisement शो करता है जो हमें यह बताता है कि आपके mobile या computer में virus है. दरअसल यह Adware का ही काम होता है. Adware एक तरीके का ऐसा malware है जिसे आमतौर पर मुफ्त सॉफ्टवेयर में शामिल कर दिया जाता है ताकि जब आप उस application को चालू करे तो adware आपके ब्राउज़र सेटिंग में बदलाव कर अपने मन मुताबिक विज्ञापन पॉप-अप द्वारा आपको दिखा सके.
  6. Backdoor एक प्रकार का सबसे अधिक खतरनाक मैलवेयर में से एक है जो सिस्टम तक पहुंचने के लिए सामान्य प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं को बाईपास करते हुए system में अपनी पैठ बना लेता है. जिसके फलस्वरूप, हैकर remote access द्वारा आपके कंप्यूटर या लैपटॉप तक अपनी पहुच बना लेता है और कंप्यूटर उपयोगकर्ता को इसका पता तक नहीं चलता है. हैकर किसी भी उपयोगकर्ता की जासूसी करने, उसकी फाइलों को प्रबंधित करने, किसी भी प्रकार के खतरनाक सॉफ़्टवेयर को इनस्टॉल करने या फिर पूरे पीसी सिस्टम को नियंत्रित करने लिए Backdoor malware का उपयोग कर सकता है।
  7. Ransomware एक बहुत ही advance malware है और सबसे खतरनाक में से एक. इसे Scareware के नाम से भी जाना जाता है. इस प्रकार का मैलवेयर आपके कंप्यूटर को लॉक कर सकता है और आपके सारे डाटा को डिलीट करने की धमकी देता है और इसके बदले में आपसे फिरौती वसूली करता है. इस प्रकार के malware का उपयोग वित्तीय धोखाधड़ी करने और कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं से पैसा निकालने के लिए किया जाता है।

Malware kya hai? ये जानने के बाद आपको समझ ही आ गया होगा कि virus kya hota hai फिर भी एक बार थोड़ा और डिटेल में जान लेते है virus kya hai?

Computer Virus kya hai? Virus detail in Hindi

“Virus kya hai: ~ Virus एक प्रकार का Malware ही है. जो किसी भी computer के डाटा को ख़राब कर सकता है या फिर उसमे सेव किसी भी प्रकार की जानकारी को चुरा सकता है.”

Virus Kya hai : Computer Virus सिर्फ एक प्रकार का Malware है. यह एक ऐसा प्रोग्राम है जो किसी भी computer के डाटा को ख़राब कर सकता है या फिर उसमे सेव किसी भी प्रकार की जानकारी को चुरा सकता है. यह इतना शातिर प्रोग्राम है जो स्वयं की प्रतिलिप बनाकर एक प्रोग्राम से लेकर दूसरे प्रोग्राम तक को प्रभावित कर सकता है. यह जानबूझकर बनाया गया प्रोग्राम है. कंप्यूटर वायरस बनाने का उद्देश्य कमजोर सिस्टम को संक्रमित करना, system पर नियंत्रण प्राप्त करना और उपयोगकर्ता के संवेदनशील डेटा की चोरी करना है। हैकर दुर्भावनापूर्ण इरादे से कंप्यूटर वायरस डिज़ाइन करते हैं और धोखा देकर ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं को अपना शिकार बनाते हैं। virus भी कई प्रकार के होते है जो निम्न प्रकार से है :

Types of Computer Virus in Hindi :

    • Boot Sector Virus : इस प्रकार का वायरस “Master Boot Record” को संक्रमित करता है. इस प्रकार के virus को डिटेक्ट करना बहुत कठिन है. यदि आपका computer या laptop एक बार इस virus का शिकार हो जाए तो system को format किये बिना इस virus remove नहीं kya जा सकता है.
    • Direct action virus : किसी भी वायरस युक्त फ़ाइल को execute करते समय इस प्रकार का वायरस सक्रिय हो जाता है। इस प्रकार के virus computer की मेमोरी में छुपकर रहते है.
    • Resident virus : इस virus को antivirus से भी डिटेक्ट करना कठिन काम है. क्यूंकि इस प्रकार का virus खुद को system की RAM मेमोरी में छपा लेता है और ऑपरेटिंग सिस्टम के लोड होने पर यह virus एक्टिवेट हो जाता है.
    • Web scripting virus : इस प्रकार का वायरस वेब ब्राउज़र और वेबसाइट के कोड का उपयोग करता है। यदि आप ऐसे किसी वेब पेज पर पहुचते है जो ऐसे किसी virus से संक्रमित, तो वायरस आपके कंप्यूटर को infected कर सकता है।
    • Polymorphic Virus किसी भी फाइल के execute होने पर अपने कोड को बदलता रहता है. यह ऐसा एंटीवायरस प्रोग्राम से बचने के लिए करता है। इसलिए आम तौर पर प्रयोग किये जाने वाले antivirus के लिए इसे ढूँढना बहुत ही कठिन हो जाता है.
    • File infector virus किसी भी फाइल के execute होने पर उसमे malicious कोड डाल देता है. आम तौर पर इस प्रकार का virus ऐसी .exe फाइल्स के साथ आता है जो पहले से ही इस virus से infected होती है. आम तौर पर जब आप कोई cracked file download करते है तो इस प्रकार का virus उस फाइल के साथ आपके लैपटॉप या computer में आ जाता है.
    • Multipartite virus : इस प्रकार का वायरस कई तरीकों से फैलता है। यह प्रोग्राम और सिस्टम दोनों को संक्रमित कर सकता है.
    • Macro virus : इस प्रकार का वायरस अक्सर email attachment के माध्यम से फैलते है. जब आप कभी virus से संक्रमित email attachment को download करते है तो ये virus आपके system में घुस जाता है.
    • Overwrite Virus कुछ वायरस विशेष रूप से फ़ाइल या एप्लिकेशन के डेटा को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं. यह उनमे से एक है. यह virus system को infected करने के साथ-साथ प्रोग्राम फाइल के कोड को भी बदल सकता है. इस प्रकार के virus को हटाने का एक ही तरीका है और वो है उस फाइल को डिलीट कर देना जो इस वायरस से संक्रमित है.
    • Browser hijacker : इस प्रकार का वायरस कुछ web browser के functions को “hijack“करता है और आपको आटोमेटिक रूप से एक अनपेक्षित वेबसाइट पर भेज सकता है. इस प्रकार के virus निर्माता द्वारा खुद के लाभ हेतु आपको ऐसी वेबसाइट पर भेजते है जिससे उन्हें लाभ हो सके.

Computer Virus kaise failta hai :

किसी भी computer में virus आने के कई कारण हो सकते है. जैसे वायरस से संक्रमित किसी भी डिवाइस के माध्यम से फाइल का आदान प्रदान करने से, वायरस से इन्फेक्टेड किसी भी वेबसाइट से कोई भी file, game, music, android app या movie download करने से लेकर वायरस infected ईमेल attachment download करने इत्यादि कारणों से virus फैलता है.

Malware Virus se kaise bache : वायरस से बचाव

दोस्तों एक Homeopathic में एक कहावत है “precaution is better than cure” यानि की इस कहावत का मतलब है कि सुरक्षा ही इलाज से बेहतर है. यहाँ यह कहने का तात्पर्य यह है की यदि आप virus से अपने system को बचाए रखना चाहते है तो आपको नीचे बताये गयी बैटन का अनुसन करना होगा.

  1. किसी भी cracked फाइल को download करने से बचे.
  2. किसी भी unknown व्यक्ति द्वारा भेजे गए email attachment को download करने से bache. यह email खासकर आपको एक प्रलोभन के तहत भेजे जाते है जैसे कि “I Love you” या फिर “आपने कोई लाटरी जीती है” कुछ इसी तरह से जो आपको किसी भी तरह का लालच देते है.
  3. किसी भी ऐसी वेबसाइट से कोई भी फाइल download ना करे जो unauthorized हो.
  4. अपने system में हमेशा एक अच्छी quality का antivirus प्रयोग करे.
  5. USB, Pen drive को स्कैन करने के बाद ही अपने system से attach करे. यदि आप antivirus का प्रयोग नहीं कर रहे है तो ऐसी स्थिति में removable डिवाइस के प्रयोग से बचने की कोशिश करे.

Malware Virus बनाने का उद्देश्य kya hai :

जैसा कि आप जानते है malware virus kya काम करते है इससे ही आपको बहुत कुछ अंदाजा हो गया होगा की virus बनाने का उद्देश्य क्या होता है. यह malware virus ब्लैकमेलर, ठग, बदमाश जैसे अपराधिक मानसिक वाले और कभी कभी जासूसी करने के उद्देश्य इत्यादि के लोगों द्वारा बनाये जाते है. मैलवेयर विकसित करने के पीछे का उद्देश्य साइबर चोरी, ठगी करने, जासूसी करने या फिर किसी अन्य प्रकार अपराध को अंजाम देने के लिए किया गया है.

History of virus in hindi : कंप्यूटर वायरस का इतिहास

अगर हम computer virus history in hindi की बात करे तो हमें कई ऐसे नाम जानने को मिलते है जिन्होंने computer virus को प्रोग्राम करने का काम किया. इसके पूर्व तक लोगों को इस बात का कतई भी भी भरोसा नहीं था कि कोई ऐसा भी प्रोग्राम हो सकता है जो किसी भी कंप्यूटर को संक्रमित कर सके.

  • दुनिया का सबसे पहला वायरस क्रीपर था जो अरपानेट (ARPANET), पर खोजा गया, जो सन 1970 की  शुरुआत में इंटरनेट से पहले आया था। इस वायरस का निर्माण Bob Thomas ने किया था और यह TENEX ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से फैला. यह कंप्यूटर को नियंत्रित और संक्रमित करने के लिए किसी भी मॉडम का उपयोग कर सकता था। और यह virus से संक्रमित computer पर यह सन्देश प्रदर्शित करता था कि “I am the creeper Catch Me If You Can“.
  • इसके बाद सन 1982 में सार्वजनिक रूप से रिलीज होने वाला ज्ञात वायरस एल्क क्लोनर (Elk Cloner) था। इस virus को प्रोग्राम करने वाले प्रोग्रामर का नाम रिच स्केन्टा (Rich Skrenta) था. जिन्होंने ने इसे फ्लॉपी डिस्क के माध्यम से फैलाने और Apple Dos 3.3 कंप्यूटरों को टारगेट करने के लिए प्रोग्राम किया था.
  • सन 1983 में पहली बार सार्वजनिक रूप से computer virus शब्द का उपयोग शुरू हुआ। दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के छात्र फ्रेड कोहेन ने इस शब्द को virus नाम दिया. उन्होंने ने अपने शोध पत्र में बताया कि कैसे एक प्रोग्राम को लिखा जाए जो किसी भी computer की कार्य प्रणाली को संक्रमित कर सके.
  • आधुनिक वायरस के इतिहास में सन 1986 में “Brain boot sector” नाम का virus चर्चा में आया. इस वायरस को दो पाकिस्तानी प्रोग्रामर बसित फारूक अलवी और उनके भाई अमजद फारूक अलवी द्वारा विकसित किया गया। इस virus ने समाचार पत्रों में भी सुर्खियाँ बटोरी जिससे लोगों को विश्वास हुआ कि कोई ऐसा भी प्रोग्राम हो सकता है जो किसी भी computer को संक्रमित कर सकता है.

दोस्तों आशा करता हूँ Malware kya hai और virus kya hai और History of virus in hindi की ये जानकारी आपको जरूर अच्छी लगी होगी. इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे ताकि उनको भी इस जानकारी के बारे में पता चल सके और दोस्तों प्लीज पोस्ट को लिखे करना ना भूले.

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